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Showing posts from October, 2019

स्वागत बहू का

स्वागत तुम्हारा बहू इस घर में, सदा खुश रहो, अपने घर में। नए घर, नए रिश्तों को को थाम, करती रहो, रोशन दो घरों के नाम। नयनों में है तुम्हारे, हजार सपने, यह घर, हम सब हैं तुम्हारे अपने। वादा है, तुमसे चाहे जैसी हो घड़ी, पाओगी सदा मुझे अपने पास खड़ी। बेटी से बहू बन, तुम आई हो, खुशियों की सौगात घर में लाई हो। तुम हो इस कुल की लाज, हंसते - हंसते निभाना रस्मो रिवाज। मेरी ताकत है तुम्हारा हमसफ़र, हंसते मुस्कुराते गुजारो जीवन डगर। तुम भी मेरी ताकत बन जाओ, इस परिवार की कड़ी से जुड़ जाओ। मेरा दामन खुशियों से भर जाएगा, मेरा बेटा बन 'हमसफ़र' साथ निभाएगा। अपने जीवन के सपनों को सच बनाना, अपने घर को सदा 'खुशमय' बनाना।