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Showing posts from October, 2018

समरसता भोज

            राजनीति अपनी अनुकूलता तलाशने के लिए जानी जाती है। इस समय चुनावी सरगर्मी रफ्तार ले चुकी है। सभी राजनीति दल व नेता हर जाति वर्ग को रिझाने में कोई कमी नहीं रख रहे हैं। दलित वर्ग को अपनी ओर करने के लिए सबसे ज्यादा उनके हित में काम करने वाली पार्टी की छवि बनाने के लिए उठापटक हो रही है। उनके साथ भोजन करना, उनके कंधों पर हाथ रख कर आत्मीयता दिखाना, उनके साथ फोटो खिंचवाना-राजनैतिक दांवपेंच ही तो है। दलितों में अपनी पैठ को बढ़ाने के लिए सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का आयोजन जोर शोर से हो रहा है।             नेताजी ने कलेक्टर के द्वारा दलितों की बस्ती की जानकारी ली। तय हुआ- उनकी बस्ती में 'समरसता भोज' रखा जाय। हरिया जाटव का घर दलित मोहल्ले के बींचों बीच में है, वहीं भोजन किया जाय, इससे पूरा मोहल्ला कवर हो जाएगा। दो जून की रोटी के जुगाड़ के लिए खेती द्वारा मशक्कत करने वाले हरिया के परिवार मे -पत्नी और दो बच्चे। सप्ताह भर पहले हरिया को सूचित कर दिया गया- 'नेताजी तुम्हारे घर भोजन करेंगे।' अपने ही परिवार का पेट भरने में असमर्थ हरिया...