Skip to main content

Posts

Showing posts from November, 2022

अद्भुत संयोग

           आज घर में जोर शोर से तैयारी चल रही है। आज फिर रीमा को देखने लड़का आ रहा है। यह कोई पहली बार तो है नहीं। कई बार लड़के आए, देख गए। एक बार तो रिश्ता तय हो गया था, पर सच्चाई से परिचित कराते ही रिश्ता टूट गया। रीमा सोचती है- पहली मुलाकात में ही सत्य से अवगत करा दें, तो ऐसी नौबत ही न आए। उसका खुद का दृष्टिकोण स्पष्ट है। रीमा विवाह को अनिवार्य नहीं मानती है, पर माता-पिता मानते हैं, तो प्रयत्न जारी है। एक बार रीमा ने माँ से पूछा था- "आप लोगो ने मुझे एम ए, बी एड करा दिया। क्या विवाह करना जरूरी है?"  माँ का जवाब था- "हर काम का एक वक्त और रिश्ते की एक जरूरत होती है। वह रिश्ता हमारी जिंदगी में न हो तो आज नहीं तो कल हमें इसकी कमी खलती ही है।" बस इसके आगे बोलने की गुंजाइश ही नहीं थी। उनके कहे अनुसार प्रयास जारी है। रीमा ने भी सोच लिया है- वह अपनी एक कमी से हार नहीं मानेगी। आज रोहिणी जीजी भी आई हैं। उन्होंने अख़बार में विज्ञापन पढ़ा था- एक सुशील और गुणी वधू चाहिए। लड़का इकोनॉमिक्स में डॉक्टरेट है और यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है। रोहिणी ने फोन पर पूछ लिया था- 'दह...