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Showing posts from January, 2020

जिंदगी का सफर

जिंदगी के सफर में हर लम्हे हैं अलबेले, मंजिल तक जाना ही होगा अकेले। पथ पथरीले, कंटीले रहे, पाए मैंने छदम, ठोकर खा गिर भी गई, बढ़ते रहे कदम। महफूज हो रास्ते, खुशियों भरा हो जीवन, इसी जद्दो-जहद में भटका यह मन । कभी रास्ता रहा सूना, तन्हा सफर रह गया, लगा, यकीनन मेरा कारवां ही बदल गया। नोट के मोह में मैं अटकी रह गई, कोल्हू के बैल सी फंसती चली गई। स्मार्ट फोन, कंप्यूटर के कशिश से नहीं बच पाई, जिंदगी की आपाधापी में जीना ही भूल गई। सफर में धूप है, तपना तो होगा ही, भीड़ बहुत है, रास्ता तो बनाना होगा ही। नई डगर पर नई मुश्किलें तो होंगीं ही, सफर है लम्बा, संभावनाएं बढ़ानी होंगीं ही। जरूरी नहीं, जिंदगी के सफर में हो रफ्तार, पर बना रहे संतुलन, हो यह एतबार। रहूँ स्वस्थ, यह करती रही सदा बंदगी, 'उस' मोड़ पर खत्म होने वाला,                          सफर है जिंदगी।