जल बिन यह सूनापन ,
मुरझाती फसलें , मुरझाते चेहरे ,
आलू , प्याज , टमाटर के बढ़ते दाम,
थाली के घटते स्वाद ,
दूभर हुआ खान पान |
* * * * *
राजस्थान में है मोरों का वास ,
खामोश नभ को देख ,
मोर का भी बदला सुर,
' मेह आओ , मेह आओ ',
करुण- क्रंदन छूता दिल को |
मुरझाती फसलें , मुरझाते चेहरे ,
आलू , प्याज , टमाटर के बढ़ते दाम,
थाली के घटते स्वाद ,
दूभर हुआ खान पान |
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राजस्थान में है मोरों का वास ,
खामोश नभ को देख ,
मोर का भी बदला सुर,
' मेह आओ , मेह आओ ',
करुण- क्रंदन छूता दिल को |
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