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मुआवजा

                रामदीन अपनी पोटली लेकर बस में चढ़ गया | बस में चदते ही पोटली कुलमुलाई , कुछ हलचल हुई | कंडक्टर चिल्ला पड़ा - " क्या है बे इसमें ? "
रामदीन - " इसमें एक छोटी सी बत्तख है |
कंडक्टर - " चल टिकट ले  , दो टिकट के पैसे निकाल |
रामदीन - " हुजूर , यह पोटली तो मेरी गोद में रहेगी | लोग तो बड़े-बड़े सामन ले कर चढ़े हैं |
कंडक्टर - " पर इस बत्तख में प्राण हैं , तो मुसाफिर हुई ना ! "
                 आखिर रामदीन को दो टिकिट के पैसे देने ही पड़े | बस शहर से बाहर निकली ही थी , ड्राईवर का मोबाइल बोल पड़ा | मोबाइल  पर बात करने में बस का नियंत्रण बिगड़ गया और समान से लदे एक ट्रक से टकरा गई | एक बहुत बड़ा हादसा हो गया | कई मुसाफि मर गए और कई घायल हो गए | रामदीन के भी काफी चोटें आई |
                    रोडवेज ने सभी मृतकों के आश्रितों को 50 -50 हजार रुपये और घायलों को 5-5 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर देने की घोषणा कर दी | रामदीन भी रोडवेज से मुआवजे के तौर पर अपने अधिकार मांग रहा है , जो कि उसे मिल नहीं रहा  | मृतक मुसाफिरों में उसकी बत्तख भी थी 

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