मैं ' उमा '
ख्वाबों की दुनिया में मैं ,
पहचाने राहों पर अनजान
न जाने कहाँ खो गई |
विस्मृत यादों में धुंधली - सी
परछाई अपनी पाई |
तीन बहनों में मैं मझली ,
पापा ने नाम दिया ' उर्मिला ',
दादी ने किया एतराज,
'' नाम है बड़ा |
पुकारूंगी , तब तक भाग जायेगी |
' उमा ' नाम है छोटा ,
कहते ही पास पाऊँगी |"
मेरी दादी थी मॉडर्न ,
डेढ़ अक्षर कम कर के
मुझे दिया निकनेम |
ख्वाबों की दुनिया में मैं ,
पहचाने राहों पर अनजान
न जाने कहाँ खो गई |
विस्मृत यादों में धुंधली - सी
परछाई अपनी पाई |
तीन बहनों में मैं मझली ,
पापा ने नाम दिया ' उर्मिला ',
दादी ने किया एतराज,
'' नाम है बड़ा |
पुकारूंगी , तब तक भाग जायेगी |
' उमा ' नाम है छोटा ,
कहते ही पास पाऊँगी |"
मेरी दादी थी मॉडर्न ,
डेढ़ अक्षर कम कर के
मुझे दिया निकनेम |
हां,यही बात हुई आपसे दो दिन पहले। नवीनता भी एक रुढि है।
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